- घुमंतू जातियों को अंग्रेजों ने ‘क्रिमिनल ट्राइब’ घोषित किया था, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने उस कलंक को मिटाकर उन्हें सम्मान दिलाया: मुख्यमंत्री
- घुमंतू विकास बोर्ड की घोषणा पर हर्षित विमुक्त एवं घुमंतू समाज ने मुख्यमंत्री का किया अभिनंदन
- घुमंतू समाज ने अंग्रेजी हुकूमत का जीना हराम कर दिया था, बिना रुके, बिना थके, बिना डिगे देश की आजादी के लिए संघर्ष किया: मुख्यमंत्री
- वनटांगिया से लेकर मुसहर, थारू, गौड़, चेरो, बुक्सा, कोल और सहरिया समाज तक, डबल इंजन सरकार ने हर वंचित वर्ग को योजनाओं से जोड़ा: मुख्यमंत्री
- जिसे कांग्रेस और सपा ने कभी नहीं पूछा, प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें पूजा: मुख्यमंत्री
- घुमंतू विकास बोर्ड में सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा, हर आवाज सरकार तक पहुंचेगी: मुख्यमंत्री
- सपेरा समाज ने पारंपरिक बीन वादन से किया मुख्यमंत्री का अभिनंदन, घुमंतू विकास बोर्ड के गठन पर व्यक्त किया आभार
- घुमंतू समाज अब ‘घुमंतू’ नहीं, ‘टिकंतू’ बन रहा है, जीवन में आया व्यापक बदलाव: असीम अरुण
रक्षा-राजनीति नेटवर्क
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब घुमंतू समाज को दर दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। डबल इंजन की सरकार उन्हें सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिलाने, शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना से जोड़ने और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। घुमंतू विकास बोर्ड केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि वर्षों से उपेक्षित विमुक्त एवं घुमंतू समाज को न्याय, सम्मान और अवसर दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा।
प्रदेश कैबिनेट द्वारा घुमंतू विकास बोर्ड गठन के निर्णय के उपरांत गुरुवार को समाज को ओर से आयोजित आभार एवं अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ का जो मंत्र देश को दिया था, उसी संकल्प का विस्तार आज समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। बिना जाति, क्षेत्र, भाषा अथवा किसी प्रकार के भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की इसी सोच की नई कड़ी घुमंतू विकास बोर्ड है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने 1871 के क्रिमिनल ट्राइब एक्ट के माध्यम से उन वीर समुदायों को अपराधी घोषित कर दिया था, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई थी। 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इन जातियों पर कलंक लगाया ताकि उनका सामाजिक सम्मान समाप्त हो जाए। स्वतंत्र भारत में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस अन्याय को समाप्त करते हुए इन समुदायों को विमुक्त जाति का सम्मान दिलाया, किंतु उनके समुचित विकास के लिए अपेक्षित प्रयास लंबे समय तक नहीं किए गए। पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इनके लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोग का गठन हुआ और उसी भावना के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू विकास बोर्ड के गठन का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष घुमंतू समाज के सम्मेलन में उनके समक्ष बोर्ड गठन की मांग रखी गई थी और उन्होंने उसी समय इसकी घोषणा की थी। अब बोर्ड के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इसका गठन शीघ्र पूरा किया जाएगा तथा इसकी संरचना ऐसी होगी जिसमें विभिन्न घुमंतू एवं विमुक्त जातियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो, ताकि उनकी आवाज सीधे सरकार तक पहुंचे और उनके विकास की योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने वनटांगिया, मुसहर, थारू, गौड़, चेरो, बुक्सा, कोल, सहरिया सहित अनेक वंचित समुदायों को पहली बार शासन की योजनाओं से व्यापक रूप से जोड़ा है। राशन कार्ड, भूमि के पट्टे, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास, आयुष्मान भारत कार्ड, निःशुल्क विद्युत एवं गैस कनेक्शन तथा वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ इन समुदायों तक पहुंचाया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सभी योजनाओं से शत प्रतिशत आच्छादित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बार-बार कहते हैं कि जिन्हें कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने कभी नहीं पूछा, उन्हें पूजते हुए सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य डबल इंजन सरकार ने किया है। सरकार के लिए जनता केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि जनार्दन है और इसी भावना के साथ प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने उपेक्षित समाज के महापुरुषों और वीरांगनाओं को भी उनका उचित सम्मान दिलाने का कार्य किया है। श्रृंगवेरपुर में भगवान श्रीराम के साथ निषादराज गुह्य की भव्य प्रतिमा, बहराइच में महाराजा सुहेलदेव विजय स्मारक, जनजातीय संग्रहालयों की स्थापना, महाराजा सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय एवं मेडिकल कॉलेज, वीरांगना अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई के नाम पर महिला पुलिस बटालियन तथा महारानी दुर्गावती के नाम पर मेडिकल कॉलेज इसी सम्मान की श्रृंखला के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।
सीएम ने कहा कि इसी तरह अनुसूचित जाति एवं जनजाति के बच्चों के लिए आश्रम पद्धति विद्यालय तथा श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जहां आधुनिक शिक्षा के साथ आवास एवं भोजन की निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडरों, विद्यार्थियों, युवाओं तथा विमुक्त एवं घुमंतू समाज सहित प्रत्येक वंचित वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोई भी इन समुदायों को क्रिमिनल ट्राइब नहीं कह सकता। ये वे वीर समुदाय हैं जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। डबल इंजन सरकार उन्हें वही सम्मान दिलाने का कार्य कर रही है जिसके वे वास्तविक अधिकारी हैं। घुमंतू विकास बोर्ड इन समुदायों की पहचान कर उन्हें शासन की सभी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने सपेरा समाज का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह समुदाय प्राचीन काल से शिवावतारी गुरु श्री गोरखनाथ जी की परंपरा का अनुयायी रहा है। विदेशी आक्रमणों के समय जब संचार के आधुनिक साधन उपलब्ध नहीं थे, तब यही समाज भजन और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से लोगों को सचेत करता था तथा समाज को जागरूक बनाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाता था। आज भी यह समाज घुमंतू जीवन व्यतीत कर रहा है। राज्य सरकार इनके सम्मानजनक पुनर्वास तथा समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।



