आकांक्षी जनपद सिद्धार्थनगर, चित्रकूट और फतेहपुर पेश कर रहे हैं विकास की नई मिसाल

Aspiring districts Siddharthnagar, Chitrakoot and Fatehpur are setting a new example of development

  • सिद्धार्थनगर के 560 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालयों की स्थापना ने बदली जिले में शिक्षा क्षेत्र की तस्वीर
  • सिद्धार्थनगर में आयोजित काला नमक चावल क्रेता-विक्रेता सम्मेलन बढ़ा रहे हैं किसानों की आय
  • चित्रकूट में आर्गेनिक शॉप और पंचायत स्तर पर खुले प्रशिक्षण केन्द्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ला रहे वृद्धि
  • फतेहपुर जिले में स्मार्ट क्लास और एआई बेस्ड कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर की स्थापना
  • फतेहपुर में खुले बीज भण्डार और मृदा परीक्षण लैब दे रहे कृषि विकास में योगदान
  • योगी सरकार के नवाचारों से आकांक्षी जनपदों में विकास की नई बयार

रक्षा-राजनीति नेटवर्क

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नीति आयोग के आकांक्षी जनपद कार्यक्रम के तहत सिद्धार्थनगर, चित्रकूट और फतेहपुर जैसे जनपदों में विकास की नई बयार लाने के लिए कई अभिनव पहल शुरू की हैं। इन नवाचारों ने न केवल स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग किया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति भी की है। इन जनपदों में लागू बेस्ट प्रैक्टिस और नवाचारों ने आकांक्षात्मक जनपदों में विकास की गति को और तेज करने का रोडमैप प्रस्तुत किया है।

सिद्धार्थनगर जिले में पंचायत स्तर पर खुले 560 पुस्तकालय
यूपी के आकांक्षी जनपद सिद्धार्थनगर का शिक्षा क्षेत्र में किया गया नवाचार सबसे ज्यादा प्रशंसनीय साबित हो रहा है। जिले के 560 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण पुस्तकालयों की स्थापना की है। इन पुस्तकालयों ने ग्रामीण बच्चों का शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ नई दिशा प्रदान की है। इसके अलावा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए वार रूम की स्थापना की गई है। यह वार रूम नियमित निगरानी और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर रहा है। साथ ही, जिला जेल में बंदियों को सिलाई प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की पहल सराहनीय है।

साथ ही जिले काला नमक चावल के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल ने न केवल स्थानीय किसानों को बाजार से जोड़ा है, बल्कि काला नमक चावल के क्षेत्रफल और उत्पादन में भी वृद्धि दर्ज की है। इसके अलावा मत्स्य उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए सिद्धार्थ फिशरीज डेवलपमेंट फाउंडेशन का गठन किया गया है। यह फाउंडेशन मत्स्य पालकों को तकनीकी और आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है।

चित्रकूट में आर्गेनिक शॉप और प्रशिक्षण केंद्र दे रहे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विस्तार
चित्रकूट में कर्वी ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा स्थापित ऑर्गेनिक शॉप ने स्थानीय किसानों को जैविक उत्पादों के लिए एक नया बाजार प्रदान किया है।

प्रशिक्षण केंद्रों का विकेंद्रीकरण करते हुए ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो किसानों और युवाओं को नई तकनीकों से अवगत करा रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए चिन्हित फर्स्ट रेफरल यूनिट में लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है। साथ ही, चिकित्सा और पैरामेडिकल स्टाफ की शत-प्रतिशत तैनाती सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है।

फतेहपुर जिले में स्मार्ट क्लास और एआई बेस्ड कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर की स्थापना
आकांक्षी जनपद फतेहपुर में नीति आयोग द्वारा प्रदान की गई पुरस्कार राशि से 10 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का निर्माण किया गया है। साथ ही जिले में बीज भंडार, गृह निर्माण और मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की गई है। साथ ही जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट केंद्र स्थापना की गई है, जो देश में इस तरह का पहला केंद्र है।

इसके अतिरिक्त, गंभीर टीबी मरीजों की जांच के लिए हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन की उपलब्धता ने स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाया है। टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत 27 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। आकांक्षी जनपदों में योगी सरकार के इन प्रयासों से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है।

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