रक्षा-राजनीति नेटवर्क
सरकार ने एयर मार्शल संदीप थरेजा (एसएम, वीएसएम एवं बार) को डायरेक्टर जनरल, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं (डीजीएएफएमएस) नियुक्त किया है। वे वर्तमान में डायरेक्टर जनरल मेडिकल सर्विसेज़ (एयर) के पद पर कार्यरत हैं। वे वर्तमान डीजीएएफएमएस सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन (पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम) के सेवानिवृत्त होने के बाद यह दायित्व संभालेंगे।
पुणे : एयर मार्शल संदीप थरेजा पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी) के पूर्व छात्र हैं। उन्हें दिसंबर 1986 में भारतीय वायु सेना की चिकित्सा शाखा में कमीशन मिला। उन्होंने 1997 में मेडिसिन में एमडी तथा 2005 में नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में डीएम की उपाधि प्राप्त की, जिसके लिए उन्हें ‘सर्वश्रेष्ठ डीएम छात्र पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। एक उत्कृष्ट सैन्य चिकित्सक के रूप में उन्होंने सभी प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में ‘ए’ ग्रेड प्राप्त किया तथा वे नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी) के पूर्व छात्र भी हैं।
लगभग चार दशकों के अपने विशिष्ट सैन्य चिकित्सा करियर में एयर मार्शल संदीप थरेजा ने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओंके चिकित्सा, शैक्षणिक, परिचालन और प्रशासनिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने डीजीएएफएमएस कार्यालय में वरिष्ठ सलाहकार (मेडिसिन), मिलिट्री हॉस्पिटल, पठानकोट के कमांडेंट, कमांड हॉस्पिटल, लखनऊ के कमांडेंट, आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी), पुणे के निदेशक एवं कमांडेंट तथा डायरेक्टर जनरल मेडिकल सर्विसेज (एयर) सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
डायरेक्टर जनरल मेडिकल सर्विसेज़ (एयर) के रूप में एयर मार्शल संदीप थरेजा ने परिचालन चिकित्सा तैयारियों को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी पहलें कीं। उनके नेतृत्व में गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं की चिकित्सा तैयारियों को और मजबूत किया गया। साथ ही, ‘भीष्म क्यूब’ को परिचालन रूप दिया गया, जिससे सैन्य अभियानों और मानवीय राहत कार्यों के दौरान त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
एक कुशल चिकित्सक, शिक्षाविद और शिक्षक के रूप में एयर मार्शल संदीप थरेजा ने अनेक स्नातकोत्तर और अति-विशेषज्ञता (सुपर-स्पेशियलिटी) के विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है। उन्होंने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिकाओं में 50 से अधिक वैज्ञानिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं। उनकी उत्कृष्ट एवं विशिष्ट सेवाओं के सम्मान में उन्हें सेना पदक (एसएम) तथा विशिष्ट सेवा पदक (वीएसएम) और विशिष्ट सेवा पदक पर बार (वीएसएम बार) से सम्मानित किया गया है।



