घुमंतू समाज अब टिकंतू हो रहा: असीम अरुण

रक्षा-राजनीति नेटवर्क

इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि विमुक्त एवं घुमंतू समाज के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घुमंतू विकास बोर्ड के गठन का निर्णय ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के लिए जितना आभार व्यक्त किया जाए, वह कम है। यह बोर्ड विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को विमुक्त एवं घुमंतू समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सेतु बनेगा और उनके जीवन में व्यापक परिवर्तन लाएगा। लोग कहने लगे हैं कि यह समाज अब घुमंतू नहीं, टिकंतू हो रहा है। अब उनके पास अपना घर है, बिजली है, आजीविका के साधन हैं और सम्मान के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

असीम अरुण ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के उपरांत एक विशेष कार्यदल का गठन किया जाएगा, जो विमुक्त एवं घुमंतू समाज के समग्र उत्थान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा। यह कार्ययोजना शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार बनेगी।

बीन बजाकर सीएम योगी का स्वागत

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आगमन पर सपेरा समाज ने पारंपरिक बीन वादन सहित अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से उनका अभिनंदन किया। उपस्थित लोगों ने ‘योगी बाबा जिंदाबाद’ के नारों के साथ घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों ने कहा, सीएम योगी का निर्णय ऐतिहासिक

कार्यक्रम में विमुक्त एवं घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए घुमंतू विकास बोर्ड के गठन को ऐतिहासिक निर्णय बताया। सुभाष जोगी ने कहा कि उनका समाज वर्षों तक उपेक्षा का शिकार रहा। उन्होंने कहा, “हम तो झंडे पकड़कर चलने वाले मजदूर थे। पहले अंग्रेजों की मजदूरी की, फिर देश आजाद हो गया, लेकिन हमारे जीवन में कोई बदलाव नहीं आया। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पहली बार हमारे समाज की सुध ली गई। पिछले वर्ष विमुक्त जाति दिवस पर मुख्यमंत्री जी ने जिस बोर्ड के गठन की घोषणा की थी, वह आज पूरी हो गई है। इसके लिए हम उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।”

शिवपूजन राम ने कहा कि वर्ष 1967 में हाईस्कूल के दौरान छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए उन्हें जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी, लेकिन उनकी जाति का अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल सका। तब से वह अपने समाज की पहचान और जातीय अभिलेखों की एकरूपता के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। विभिन्न क्षेत्रों में एक ही समाज के लोगों के अलग अलग नामों से प्रमाण पत्र बनाए जाते रहे, जिससे अनेक कठिनाइयां उत्पन्न होती थीं। इस संबंध में उन्होंने वर्षों तक विभिन्न सरकारों को पत्र लिखे, लेकिन समाधान नहीं मिला। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में घुमंतू विकास बोर्ड का गठन होने से समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। इसके लिए मुख्यमंत्री का जितना धन्यवाद किया जाए, वह कम है।

वेदपाल ने कहा कि वह पिछले 32 वर्षों से समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में ऐसा संवेदनशील नेतृत्व नहीं देखा, जिसने विमुक्त एवं घुमंतू समाज को इतना सम्मान दिया हो। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि आपने हमें ऐसा मंत्री दिया है, जो हमारे समाज को सम्मान और अपनापन देता है। हमारे लिए आप मसीहा के समान हैं।

राजेश ने कहा कि सावन के पावन माह में सपेरा समाज ने अपनी पारंपरिक बीन बजाकर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह समाज लंबे समय तक सामाजिक और आर्थिक रूप से सबसे निचले पायदान पर रहा तथा उसके पास कोई स्थायी ठिकाना नहीं था। आज सरकार की योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, शौचालय, आवास और आजीविका जैसी मूलभूत सुविधाएं समाज तक पहुंच रही हैं। सावन के इस पवित्र महीने में हमारे समाज के जीवन में भी खुशियों की वर्षा हो रही है।

दिनेश ने कहा कि जो कार्य स्वतंत्रता के बाद 78 वर्षों में नहीं हो सका, वह आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संभव हुआ है। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने भी बड़े भाई की तरह समाज की पीड़ा को समझते हुए निरंतर उसके हित में कार्य किया। पहले उनके समाज की समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं था और अनेक निर्दोष युवाओं को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऐसे अनेक युवाओं को न्याय मिला है। घुमंतू विकास बोर्ड का गठन उनके समाज के सम्मान, सुरक्षा और समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं मील का पत्थर साबित होने वाला निर्णय है।

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