भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम डील, टोटल 18 समझौते पर साइन

शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए भारत में आयात का रास्ता खुला

रक्षा-राजनीति नेटवर्क

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को ऊर्जा सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते के साथ ऑस्ट्रेलिया से भारत को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम के आयात का रास्ता साफ हो गया है. दोनों देशों के बीच कुल 18 समझौते किए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को नई मजबूती देगा और दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को और गहरा करेगा. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ वार्षिक नेताओं के शिखर सम्मेलन (Annual Leaders’ Summit) के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप दिया है.

उन्होंने कहा, आज हमने न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में एक अहम समझौता किया है. इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति का रास्ता खुलेगा और हमारे स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को नई मजबूती मिलेगी.

IAEA के सुरक्षा नियमों के तहत होगा निर्यात
संयुक्त बयान के अनुसार, ‘ऑस्ट्रेलिया-भारत परमाणु सहयोग समझौता (2015)’ के तहत ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम निर्यात के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं. यह निर्यात केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए होगा और इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाएगा.

ऊर्जा आपूर्ति और निवेश बढ़ाने पर जोर
बैठक के दौरान दोनों देशों ने पश्चिम एशिया के हालात और उसके वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला तथा कमोडिटी कीमतों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई. साथ ही, खुले और नियम-आधारित वैश्विक व्यापार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

भारत को एलएनजी (LNG) की आपूर्ति में ऑस्ट्रेलिया की महत्वपूर्ण भूमिका और ऑस्ट्रेलिया को लिक्विड फ्यूल तथा डाउनस्ट्रीम पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में भारत की भूमिका को स्वीकार करते हुए दोनों देशों ने ऊर्जा व्यापार और निवेश बढ़ाने का संकल्प लिया.

स्वच्छ ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने नवीकरणीय ऊर्जा, कम-कार्बन ईंधन, ऊर्जा संक्रमण और पूरी ऊर्जा वैल्यू चेन में निवेश बढ़ाने पर भी सहमति जताई. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश जीवंत लोकतंत्र और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण साझेदार हैं तथा आपसी विश्वास और समान सोच के आधार पर अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहे हैं.

समुद्री सुरक्षा पर हुआ समझौता
पीएम मोदी ऑस्‍ट्रेलिया यात्रा लाइव: भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए साझा घोषणापत्र जारी किया है. दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति जताई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सालाना रक्षा मंत्रियों के संवाद का स्वागत किया और इसे रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए, इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और समन्वय को और बढ़ावा मिलेगा.

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