UP Zero Poverty Campaign: पात्र परिवारों के बनेंगे अंत्योदय कार्ड, सभी सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश

रक्षा-राजनीति नेटवर्क

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में जीरो पॉवर्टी अभियान को गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पात्र परिवारों को सभी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के तहत चिन्हित प्रत्येक पात्र परिवार का अंत्योदय कार्ड बनाया जाए और उन्हें आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना सहित अन्य पात्र योजनाओं का लाभ चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने ये निर्देश सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की छठी बैठक में दिए, जिसमें आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, निवेश और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई।

12.50 लाख परिवारों का सर्वे, विशेष टीम करेगी अभियान की निगरानी

बैठक में जानकारी दी गई कि जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत अब तक 12.50 लाख परिवारों का सर्वेक्षण किया जा चुका है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार—

लगभग 9 लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र पाए गए हैं।
करीब 5 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाना है।
6.67 लाख परिवारों के पास अभी आयुष्मान कार्ड नहीं है।
इनमें से लगभग 5 लाख लोगों का भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण हो चुका है।
10.60 लाख परिवारों के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की विशेष टीम गठित कर पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए 31 जुलाई तक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश

बैठक में प्रदेश की विभिन्न एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई।

सरकार के अनुसार, अब तक—

फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 88.45 प्रतिशत,
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 72.71 प्रतिशत,
आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 63 प्रतिशत,
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 59.35 प्रतिशत भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल और नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित सभी परियोजनाओं के लिए 31 जुलाई तक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

लखनऊ नाइट सफारी और ग्रेटर नोएडा लॉजिस्टिक हब को मिली गति

बैठक में बताया गया कि 15 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से लखनऊ नाइट सफारी परियोजना के क्रियान्वयन की अनुमति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने परियोजना की सभी औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।

वहीं ग्रेटर नोएडा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि प्राप्त हो चुकी है तथा लॉजिस्टिक पार्क के लिए पांच कंपनियों ने पंजीकरण कराया है।

मेडिकल कॉलेज और होटलों में फायर NOC का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों तथा होटलों में वैध फायर एनओसी (Fire NOC) की समीक्षा करने और जहां आवश्यकता हो वहां तत्काल कार्रवाई कर अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा लखनऊ में सीवर लाइन और मैनहोल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों की समस्या का भी शीघ्र समाधान करने को कहा गया।

बिजली फीडरों के प्रदर्शन का होगा विश्लेषण

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विद्युत फीडरों का विस्तृत विश्लेषण कर—

बिजली आपूर्ति,
राजस्व वसूली,
तकनीकी हानि,
ओवरलोडिंग

के आधार पर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बिजली वितरण व्यवस्था में तकनीकी दक्षता, वित्तीय अनुशासन और उपभोक्ता सुविधा को समान प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

डिजिटल लाइब्रेरी और ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना की भी समीक्षा

बैठक में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA), डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड, सांसद एवं विधायक निधि से संचालित विकास कार्यों, ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना तथा ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों तथा आधुनिक सिंचाई तकनीकों का विस्तार किया जाए।

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