रक्षा-राजनीति नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है और अब सभी 75 जिलों में निर्धारित शेड्यूल से अधिक बिजली आपूर्ति की जा रही है। सरकार के मुताबिक, उत्पादन, पारेषण और वितरण प्रणाली में सुधार के कारण भीषण गर्मी, तेज बारिश और खराब मौसम के दौरान भी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार का कहना है कि वर्ष 2017 के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था में वीआईपी संस्कृति समाप्त कर पूरे प्रदेश में समान आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया गया है।
2017 से पहले और अब की बिजली व्यवस्था
सरकार के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले—
जनपद मुख्यालयों में औसतन 17 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रावधान था।
तहसील मुख्यालयों में 12 घंटे बिजली मिलती थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 11 घंटे बिजली आपूर्ति निर्धारित थी।
सरकार का दावा है कि वर्तमान में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार—
जनपद मुख्यालयों में 24 घंटे
तहसील मुख्यालयों में 21.30 घंटे
ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में निर्धारित समय से भी अधिक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
रिकॉर्ड 32,673 मेगावाट बिजली मांग पूरी करने का दावा
उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, राज्य की बिजली मांग लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2014 में अधिकतम पीक डिमांड 12,327 मेगावाट थी, जो 2017 में बढ़कर 16,110 मेगावाट हो गई।
सरकार का कहना है कि 24 जून 2026 को प्रदेश में 32,673 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जो राज्य की विद्युत आपूर्ति क्षमता में वृद्धि का संकेत है।
बारिश और गर्मी में भी फील्ड में तैनात बिजलीकर्मी
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अनुसार, बारिश, तेज हवाओं और भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में भी बिजलीकर्मी फील्ड में लगातार अनुरक्षण (मेंटेनेंस) और मरम्मत कार्य कर रहे हैं, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
वरिष्ठ अधिकारी उपकेंद्रों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं तथा ट्रिपिंग और फॉल्ट की घटनाओं को कम करने के लिए बिजली लाइनों के संपर्क में आने वाली पेड़ों की शाखाओं की कटाई-छंटाई भी कराई जा रही है।
रात्रिकालीन मेंटेनेंस और सुरक्षा पर विशेष जोर
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को दिन के समय निर्बाध आपूर्ति देने के उद्देश्य से रात्रिकालीन अनुरक्षण कार्य को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा बरसात के मौसम को देखते हुए सभी फील्ड कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने और विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
स्थानीय समस्याओं के समाधान पर फोकस
यूपीपीसीएल के निदेशक (वितरण) ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी के अनुसार, वितरण क्षेत्र से जुड़ी स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। लाइन, फीडर और व्यक्तिगत विद्युत शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सके।



