
रक्षा-राजनीति नेटवर्क
पर्यटन मंत्रालय अपनी केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं ‘स्वदेश दर्शन (एसडी)’ और ‘तीर्थयात्रा पुनरुद्धार और आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद)’ के माध्यम से बौद्ध पर्यटन के विकास के लिए राज्य सरकारों/केन्द्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। ‘बौद्ध सर्किट’ को स्वदेश दर्शन योजना के तहत विकास के लिए विषयगत सर्किटों में से एक के रूप में पहचाना गया है। बौद्ध थीमैटिक सर्किट के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नक में दिया गया है।
संस्कृति मंत्रालय के तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) संरक्षित स्मारकों के संरक्षण और रखरखाव का कार्य करता है और साथ ही वार्षिक संरक्षण कार्यक्रम के तहत संरक्षित बौद्ध स्थलों सहित विभिन्न स्मारकों पर शौचालय, पेयजल, पार्किंग, रास्ते, साइनेज, बेंच, रैंप, व्हील चेयर आदि जैसी सार्वजनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए कार्रवाई करता है। सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनमें सुधार करना एक नियमित गतिविधि है।
प्रथम एशियाई बौद्ध शिखर सम्मेलन (एबीएस) का आयोजन संस्कृति मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी), नई दिल्ली, जो इस मंत्रालय का एक अनुदान प्राप्तकर्ता निकाय है, के सहयोग से किया गया था। उक्त शिखर सम्मेलन एशियाई आध्यात्मिक परंपरा और एशियाई देशों के बीच सांस्कृतिक एवं धार्मिक सहयोग पर आधारित था। प्रथम एशियाई बौद्ध शिखर सम्मेलन में 650 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें 26 एशियाई देशों के 130 विदेशी प्रतिनिधि, 12 देशों के राजनयिक और महायान तथा थेरवाद परंपराओं के 40-40 भिक्षु शामिल थे। एशियाई बौद्ध शिखर सम्मेलन को प्रत्येक दूसरे वर्ष में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।