नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास यूपी का पहला सेमीकंडक्टर पार्क विकसित करेगी योगी सरकार

Yogi government will develop UP's first semiconductor park near Noida International Airport

  • यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्टर 10 और 28 में स्थापित किए जाएंगे दो सेमीकंडक्टर क्लस्टर्स
  • सेमीकंडक्टर पार्क के लिए सेक्टर 10 में 200 एकड़, जबकि सेक्टर 28 में 125 एकड़ भूमि की गई है चिन्हित
  • उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का हब बनाने की दिशा में योगी सरकार ने उठाया महत्वपूर्ण कदम
  • देश और दुनिया की बड़ी चिप निर्माता कंपनियों को निवेश के लिए किया जाएगा आकर्षित,दी जाएंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं
  • बेहतरीन कनेक्टिविटी के साथ ही यूपी सरकार की सेमीकंडक्टर पॉलिसी का भी लाभ उठा सकेंगे निवेशक

रक्षा-राजनीती नेटवर्क

लखनऊ/ग्रेटर नोएडा : देश में पहली बार सेमीकंडक्टर पॉलिसी लागू कर भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही योगी सरकार ने इस दिशा में एक और बड़ी पहल की है। इस पहल के तहत योगी सरकार यूपी के ग्रेटर नोएडा स्थित जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास अब उत्तर प्रदेश का पहला सेमी कंडक्टर पार्क स्थापित करने जा रही है। प्रदेश सरकार की ओर से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अंतर्गत सेक्टर 10 और सेक्टर 28 में सेमीकंडक्टर पार्क को स्थापित किए जाने की योजना है।

इस पहल के माध्यम से देश और दुनिया की बड़ी चिप निर्माता कंपनियां उत्तर प्रदेश में अपने उद्यम लगाने के लिए आकर्षित होंगी। साथ ही, व्यापक पैमाने पर यूपी के युवाओं के लिए रोजगार का भी सृजन हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री लगाने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित करने हेतु योगी सरकार ने सेमीकंडक्टर पॉलिसी लागू की है, जिसके जरिए बड़े पैमाने पर राहत प्रदान की जा रही है।

दो क्लस्टर्स किए जाएंगे स्थापित
सेमीकंडक्टर पार्क्स के साइलेंट फीचर्स की बात करें तो इसके तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने दो सेमीकंडक्टर क्लस्टर्स के लिए भूमि चिह्नित की है। पहली सेक्टर 10 में 200 एकड़, जबकि दूसरी सेक्टर 28 में 125 एकड़ भूमि शामिल है। इन दोनों क्लस्टर्स में यीडा 8 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करेगी, जबकि 60 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी)लगाया जाएगा। वहीं, क्लस्टर्स को विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 400/200/132 केवी सबस्टेशन भी स्थापित किए जाने की योजना है। इसके अतिरिक्त सेमीकंडक्टर पार्क्स में निवेश करने वाले उद्यमियों को मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी।

सेक्टर 10 और 28 में स्थापित होने वाले इन क्लस्टर्स की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दूरी मात्र 4 किमी. की है, जिससे कॉर्गो मिनटों में यहां पहुंच सकेगा और निवेशकों और विदेशी बायर्स को यहां आने-जाने में कोई समस्या नहीं होगी। इसके अलावा, यहां रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की भी सुविधा जल्द शुरू होगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार से डीपीआर के अप्रूवल की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं, दिल्ली से वाराणसी के बीच हाई स्पीड रेल की योजना है, जिसका एक स्टेशन नोएडा एयरपोर्ट भी होगा। इसके अतिरिक्त यमुना एक्सप्रेसवे में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज भी बन चुका है, जो इन बड़े शहरों से भी कनेक्टिविटी को आसान बनाएगा।

सेमीकंडक्टर नीति लागू कर उद्योगों को दिया जा रहा प्रोत्साहन
उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की असीम संभावनाएं हैं। योगी सरकार ने निवेशकों को इस क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने पर जोर दिया है। इसके लिए प्रदेश में पहली बार सेमीकंडक्टर पॉलिसी लागू की गई है। यूपी सेमीकंडस्टर नीति के तहत भारत सरकार द्वारा अनुमोदित कैपिटल सब्सिडी पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त कैपिटल सब्सिडी का प्राविधान किया गया है। इसके अतिरिक्त पॉलिसी में कंपाउंड सेमीकॉन्डस्टर/सिलिकॉन फोटोनिक्स/सेंसर/एटीएमपी/ओएसएटी के लिए 75% की लैंड रिबेट भी प्रदान की गई है। वहीं डुएल ग्रिड नेववर्क के साथ ही 10 वर्षों के लिए इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में शत प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है।

इसके अलावा, 25 वर्षों के लिए अंतर्राज्यीय बिजली खरीद, ट्रांसमिशन और व्हीलिंग शुल्क 50 प्रतिशत की छूट, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस पर 100 प्रतिशत छूट और प्रति वर्ष 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी (अधिकतम 7 करोड़ रुपए) दिए जाने की भी व्यवस्था की गई है।

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