5वीं फेल ने विदेशियों को ठगा:कंपनी खड़ी कर 200 करोड़ कमाए

  • इंटरनेशनल कॉल सेंटर की आड में साइबर ठगी का मामला
  • 119 कर्मी पकड़े गए तो गर्लफ्रेंड के साथ भागा

रक्षा-राजनीति नेटवर्क

लखनऊ : इंटरनेशनल कॉल सेंटर की आड़ में साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मुखिया का पार्टनर 5वीं फेल है। यहां उसने समिट बिल्डिंग के दो हिस्से करीब 3 करोड़ रुपए सालाना किराये पर लिए थे। 119 लोगों का स्टाफ बनाया, जिसमें काम करने वाले लड़के-लड़कियां यहां बैठकर विदेशियों को चूना लगा रहे थे। पूरी फर्म ने एक साल में 200 करोड़ रुपए ठग लिए।

गिरोह के मुख्य सरगना विनीत वशिष्ठ पर पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम रखा था। बुधवार को विनीत, उसकी गर्लफ्रेंड और 5वीं फेल पार्टनर कोलकाता से गिरफ्तार हो गए। पकड़े गए आरोपियों में कोई भी 10वीं तक भी नहीं पढ़ा है। आरोपियों ने लखनऊ छोड़ते समय मोबाइल नदी में फेंक दिए थे। छिपने के लिए रिसॉर्ट बुक किया, उसी समय पकड़ में आ गए।

एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया-

एक जुलाई को 119 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। 7 दिन बाद पुलिस टीम ने मुख्य सरगना विनीत वशिष्ट, नायकर जयराज और रिंकी दास गुप्ता को कोलकाता के एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक आईपैड, दो एप्पल आईफोन और पांच हजार रुपए नकद बरामद किए हैं।

एक ने केवल सिम फेंका, तीनों पकड़े गए

आरोपियों ने कॉल सेंटर पर छापा पड़ने के बाद लखनऊ छोड़ने का फैसला लिया। तीनों छिपने के लिए कोलकाता पहुंचे। रिंकी वहीं की रहने वाली है, इसलिए उसे वहां की ज्यादा जानकारी है। भागने के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना मोबाइल नदी में फेंक दिया।

रिंकी ने महंगे मोबाइल का हवाला देकर सिर्फ सिम ही फेंका। उसके बाद नया सिम लगाकर रिसॉर्ट बुक किया और उसी बुकिंग से पुलिस को लीड मिल गई। तलाश में लगी टीमों ने दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।

5वीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ी

पकड़े गए आरोपियों में नायकर जयराज ने पूछताछ में बताया कि उसने 5वीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी। रिंकी ने 9वीं तक पढ़ाई की है। विनीत की डिग्री का भी कुछ पता नहीं चल सका है। जयराज और विनीत करीब 10 साल से एक-दूसरे को जानते हैं, एक कॉमन फ्रेंड के जरिये संपर्क में आए थे। रिंकी की मुलाकात काम के सिलसिले में विनीत से हुई। इसके बाद दोनों रिलेशनशिप में आ गए।

मुख्य आरोपी चार्ल्स से कोई नहीं मिला

पूरे नेटवर्क को चलाने वाला चार्ल्स नाम का सरगना है। लेकिन, दिलचस्प बात यह है कि आज तक गिरोह का कोई भी व्यक्ति चार्ल्स से सामने से नहीं मिला। वह सिर्फ वॉट्सएप कॉलिंग के जरिये विनीत के संपर्क में रहता था। वह बस इंस्ट्रक्शन देता रहता था। उसको इंडिया में बैठी टीम फॉलो करती थी। कॉल सेंटर से 29 युवतियां भी गिरफ्तार हुई थीं। इनमें ज्यादातर नॉर्थ-ईस्ट की थीं।

वॉट्सएप ग्रुप में आते थे टारेगट नंबर

विदेश में कॉल करने के बाद टारगेट हुए लोगों की डिटेल वॉट्सअप ग्रुप पर आती थी। उनको जो कूपन भेजे दिए जाते उसको स्क्रैच करने के बाद उसकी फोटो ग्रुप में डाली जाती। इसके बाद टीम उसे रिडीम करती। एक वेंडर नाम का ग्रुप बनाया था, जिसमें टारगेट के नंबर आते थे। उससे लखनऊ में बैठी टीम उनसे संपर्क करती।

हवाला से होता था पैसों का सेटलमेंट

पुलिस जांच में पता चला कि विनीत वशिष्ट, विक्रम परमार और ललित खेराजानी उर्फ रोडी इस अवैध कॉल सेंटर का संचालन करते थे। आरोपी नायकर जयराज ने कॉल सेंटर के कार्यालय का रेंट एग्रीमेंट कराया था, जबकि रिंकी दास गुप्ता ठगी से कमाए गए पैसे का देश और विदेश में हवाला के जरिए सेटलमेंट कराती थी।

एक कॉल सेंटर देखता, दो लोग रिक्रूटमेंट

विनीत का अहमदाबाद में रियल एस्टेट का कारोबार है। विनीत ही कॉल सेंटर चलाने में पैसा इन्वेस्ट करता था। वहीं, विक्रम परमार और ललित खेराजानी पूरे कॉल सेंटर का रिक्रूटमेंट से लेकर ठगी के लेनदेन का संचालन देखते थे। जयराज और विनीत पुराने दोस्त हैं। जयराम के नाम पर ऑफिस एग्रीमेंट था। इसका कट उसे दिया जाता था।

रिंकी विनीत की गर्लफ्रेंड है। वह हवाला के जरिये पैसे का सेटलमेंट कराती थी। रिंकी का कोलकाता में सैलून और टॉक्सिक नाम से एक बार है। एडीसीपी किरण यादव का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। मुख्य आरोपी चार्ल्स का पता किया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button