आलेख
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अस्त हो गया आर्थिक सुधार का महासूर्य
ललित गर्ग भारत के धुरंधर अर्थशास्त्री, प्रशासक, कद्दावर नेता, दो बार प्रधानमंत्री रह चुके डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष…
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समकालीन भारत में पत्रकारिता की प्रासंगिकता
प्रो. सुधीर सिंह पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका लोकतंत्र में तो काफी महत्वपूर्ण है ही,…
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फिल्म पुष्पा 2 : आपराधिक चरित्र को स्थापित करने का प्रयास
नरेंद्र तिवारी साहित्य समाज का दर्पण है, यह साहित्य की सर्वमान्य परिभाषा है। साहित्य को पढ़कर उस दौर की सामाजिक…
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संकीर्ण एवं साम्प्रदायिकता की राजनीति करने वाले दलों ने अल्पसंख्यक के नाम पर राजनीति की
ललित गर्ग अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पहली बार 18 दिसंबर 1992 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा,…
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समान नागरिक संहिता : बीजेपी और मोदी सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती
अजय कुमार लखनऊ : बीजेपी ने हमेशा से देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने की वकालत की…
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धीरे धीरे और गंभीर रूप धारण करता जा रहा है किसान आंदोलन
निर्मल रानी पंजाब – हरियाणा की सीमाओं पर चलने वाला किसान आंदोलन धीरे धीरे और गंभीर रूप धारण करता जा…
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शास्त्रीय संगीत में भारत को अलग पहचान दिलाने वाले उस्ताद
ललित गर्ग दुनियाभर में शास्त्रीय संगीत में भारत को अलग पहचान दिलाने वाले उस्ताद और मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन…
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बहुसंख्यकों की बात को हिन्दुओं की आवाज बताना सुनियोजित साजिश
संजय सक्सेना लखनऊ : विश्व हिन्दू परिषद के कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश शेखर यादव द्वारा दिया गया संबोधन…
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आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ा संविधान पर चर्चा का सत्र
ललित गर्ग नई दिल्ली : सर्वोच्च लोकतांत्रिक सदन लोकसभा संजीदा बहस की जगह हंगामे का केंद्र बनती जा रही है,…
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यादव मुस्लिम और जातिवाद की राजनीति से ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं अखिलेश
संजय सक्सेना लखनऊ : समाजवादी पार्टी के पास अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने के लिये काफी कम विकल्प बचे हैं।इन्हीं विकल्पों…