आलेख
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कोई प्रतीकात्मक उत्सव नहीं है शून्य भेदभाव अभियान
ललित गर्ग दुनिया में भेदभाव की ऊंची-ऊंची दीवारों पर अमानवीयता, छूआछूत, अन्याय, शोषण, उत्पीड़न के काले अध्याय लिखे हैं, इनके…
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बढ़ती जनसंख्या : पार्किंग की ज्वलंत समस्या
सुनील कुमार महला भारत आज विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राष्ट्र है।बढ़ती जनसंख्या और देश में बढ़ते वाहनों के…
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दुर्भाग्यपूर्ण ‘तस्वीर की सियासत’
निर्मल रानी देश सरकारी कार्यालयों में प्रायः राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी,देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के चित्र लगाये जाते हैं। जबकि…
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जागृति का पर्व है शिवरात्रि
ललित गर्ग आदि देव महादेव शिव सभी देवताओं में सर्वोच्च हैं, महानतम हैं, दुःखों को हरने एवं पापों का नाश…
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हमें बेहतर नहीं बनाती प्रशंसा, न ही निंदा हमें कभी बदतर बनाती है
सुनील कुमार महला मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। समाज में रहते हुए व्यक्ति को उसके कार्यों के लिए निंदा/आलोचना का…
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मोदी का मोटापामुक्त भारत : बच्चों में चार गुना बढ़ गई है मोटापे की समस्या
ललित गर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शासन में भारतीय लोगों के स्वास्थ्य को लेकर निरन्तर कदम उठाते हुए स्वस्थ…
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एआई : खो जाएंगी 85 मिलियन नौकरियां
विजय गर्ग कैरियर परामर्श अपने शैक्षणिक और पेशेवर मार्गों के लिए मार्गदर्शन मांगने वाले छात्रों के लिए एक आवश्यक सेवा…
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ये कैसी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ?
सुनील कुमार महला इन दिनों देश में कामेडी(हास्य) के नाम पर फूहड़ता और अश्लील सामग्री पेश करने की लगातार बढ़…
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महाकुंभ की ऐतिहासिक सफलता पर अनर्गल प्रलाप क्यों?
ललित गर्ग महाकुंभ केवल एक धार्मिक समागम ही नहीं है, यह भारत की संस्कृति का भी परिचायक एवं आत्मा है।…
