छोटे कारोबारियों, ग्रामीण उद्यमियों और महिलाओं को डिजिटल इकोनॉमी में आगे बढ़ने में सक्षम बना रहा है फ्लिपकार्ट

Flipkart is enabling small businessmen, rural entrepreneurs and women to move forward in the digital economy

रक्षा-राजनीति नेटवर्क

बेंगलुरु/मुंबई : भारत का घरेलू ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट अपने प्रयासों के माध्यम से छोटे कारोबारियों, ग्रामीण उद्यमियों और महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों को डिजिटल इकोनॉमी में आगे बढ़ने में सक्षम बना रहा है। फ्लिपकार्ट ने वंचित वर्ग के विक्रेताओं एवं उद्यमियों को सक्षम बनाने के लिए कई कार्यशालाओं का आयोजन किया है, जिनके माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, उनकी क्षमता बढ़ाई जाती है और उन्हें ऑनबोर्डिंग के बारे में बताया जाता है। इनमें ऐसे क्षेत्रों को लक्ष्य किया जाता है, जहां डिजिटल साक्षरता एवं ई-कॉमर्स को लेकर जागरूकता की कमी के कारण उनके लिए बाजारों तक पहुंचना और लिंक पाना मुश्किल होता है, जिससे आजीविका पर प्रभाव पड़ता है।

फ्लिपकार्ट ने ‘एक जिला, एक उत्पाद’ पहल के तहत सेलर्स को शिक्षित करने एवं जोड़ने के लिए विभिन्न सरकारी इकाइयों, नॉर्थ ईस्टर्न हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ पहल से हाथ मिलाया है। फ्लिपकार्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोगी के रूप में महा कुंभ 2025 में भी भागीदारी की है। ग्रामीण उद्यमियों के लिए फ्लिपकार्ट ने कई प्रशिक्षण सत्रों का भी आयोजन किया है।

अकेले 2024 में फ्लिपकार्ट ने भारत भर में 1500 से अधिक ग्रामीण महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों एवं सूक्ष्म, लघु उद्यमियों, विक्रेताओं का सहयोग करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों को कवर करते हुए 40 से अधिक कार्यशालाएं आयोजित कीं।

एनएसडीसी, डीपीआईआईटी और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के साथ रणनीतिक सहयोग के माध्यम से फ्लिपकार्ट ने जम्मू कश्मीर, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गोवा समेत पूरे भारत में ओरिएंटेशन एवं ट्रेनिंग प्रोग्राम्स की मेजबानी की है। इन प्रोग्राम्स के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं, कारीगरों और सूक्ष्म उद्यमियों को डिजिटल कौशल और बाजार तक पहुंच प्रदान की जाती है। टेक्नोलॉजी, साझेदारी और वित्तीय समावेशन का लाभ उठाते हुए फ्लिपकार्ट भारत के एमएसएमई इकोसिस्टम के विकास को बढ़ावा दे रहा है, साथ ही बड़े पैमाने पर आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा दे रहा है।

फ्लिपकार्ट ग्रुप के चीफ कॉर्पोरेट अफेयर्स ऑफिसर रजनीश कुमार ने कहा, “फ्लिपकार्ट भारत के ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को मजबूत करने, लाखों एमएसएमई, उद्यमियों एवं एसजीएच को प्रौद्योगिकी, इनोवेशन व एक मजबूत बाजार के माध्यम से आगे बढ़ने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अपनी राष्ट्रव्यापी कार्यशालाओं के माध्यम से हम छोटे व्यवसायों और उद्यमियों को आत्मनिर्भर होने और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने में सक्षम बना रहे हैं। हम लगातार इनोवेशन कर रहे हैं और इसके साथ-साथ हम समाज के सभी वर्गों के उत्थान एवं सशक्तीकरण के लिए ई-कॉमर्स का लाभ उठाने के नए तरीकों की खोज भी कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि एमएसएमई एक अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।”

फ्लिपकार्ट टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित समाधानों, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सशक्तीकरण के माध्यम से एमएसएमई के विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। फ्लिपकार्ट समर्थ जैसे कार्यक्रम कारीगरों, छोटे व्यवसायों और ग्रामीण उद्यमियों को बड़े पैमाने पर सक्षम बनाते हैं। साथ ही फ्लिपकार्ट की ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के प्रति प्रतिबद्धता स्थानीय उद्योगों को मजबूत करती है। 2019 में शुरू की गई फ्लिपकार्ट समर्थ पहल ने भारत के 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 18 लाख से अधिक आजीविकाओं पर सकारात्मक प्रभाव डाला है, 100 से अधिक पारंपरिक कला रूपों (आर्ट फॉर्म्स) को संरक्षित किया है और हजारों विक्रेताओं के विकास को बढ़ावा दिया है। इसका सेलर बेस 300% तक बढ़ गया है। एमएसएमई को बढ़ने में मदद करने के लिए फ्लिपकार्ट एआई, सप्लाई चेन इनोवेशन और मार्केट इनसाइट्स का लाभ उठाकर समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रहा है और भारत के डिजिटल कॉमर्स परिदृश्य के भविष्य को आकार दे रहा है।

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